आजमगढ़इतवाउत्तर प्रदेशकुशीनगरगोंडागोरखपुरबस्तीबहराइचलखनऊसिद्धार्थनगर 

सिद्धार्थनगर: सुधा HP गैस एजेंसी का ‘काला’ खेल, कागजों पर गैस डिलीवर, हकीकत में उपभोक्ता बेहाल!

डिजिटल डाका: मोबाइल पर आता है 'सिलेंडर डिलीवर' का मैसेज, एजेंसी पहुँचने पर मिलती है सिर्फ लंबी लाइन।

🚨सिद्धार्थनगर: कागजों पर ‘होम डिलीवरी’, हकीकत में ‘कालाबाजारी’ का खेल; सुधा HP गैस एजेंसी पर उपभोक्ताओं का हल्लाबोल🚨

⭐सुधा गैस एजेंसी केसवार में भ्रष्टाचार की ‘रीफिलिंग’, ₹990 का सिलेंडर ₹1500 में बेचने का सनसनीखेज आरोप।

⭐ दिन में ‘नो स्टॉक’ और रात में ‘ब्लैक’ का खेल; डुमरियागंज में गैस एजेंसी की गुंडागर्दी।

⭐फर्जी OTP का मायाजाल: सुधा गैस एजेंसी के रजिस्टर की जांच हुई तो खुलेगा करोड़ों का घोटाला!

⭐अंधेरे का फायदा: रात 12 बजे के बाद ₹1500 में बिकती है आम आदमी की रसोई गैस, प्रशासन मौन।

बस्ती मंडल ब्यूरो, उत्तर प्रदेश।

डुमरियागंज (सिद्धार्थनगर)। उत्तर प्रदेश सरकार के सख्त निर्देश हैं कि रसोई गैस की कालाबाजारी करने वालों पर नकेल कसी जाए, लेकिन सिद्धार्थनगर के डुमरियागंज विकासखंड में नियम-कायदों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। यहाँ ‘सुधा एचपी गैस एजेंसी’ (केसवार) में भ्रष्टाचार का एक ऐसा ‘अनोखा’ तरीका खोजा गया है, जिसने डिजिटल इंडिया के दावों को ही कटघरे में खड़ा कर दिया है।

💫मोबाइल पर ‘डिलीवर’ का मैसेज, चूल्हे पर ‘फाकाकशी’

एजेंसी का खेल इतना शातिर है कि उपभोक्ता के बिना जानकारी के ही उनका सिलेंडर बुक कर लिया जाता है। अगले दिन मोबाइल पर ‘सफलतापूर्वक डिलीवरी’ का मैसेज भी आ जाता है। लेकिन जब उपभोक्ता खाली सिलेंडर लेकर एजेंसी पहुँचता है, तो उसे लंबी कतारों और ‘स्टॉक खत्म’ होने के बहाने के सिवा कुछ नहीं मिलता। सवाल यह है कि अगर कागजों में गैस डिलीवर हो रही है, तो वह गैस जा कहाँ रही है?

💫दिन में किल्लत, रात में ‘रईसी’ सप्लाई

स्थानीय सूत्रों और उपभोक्ताओं से मिली जानकारी के अनुसार, इस पूरे खेल के पीछे भारी मुनाफाखोरी छिपी है। जहाँ सरकार द्वारा निर्धारित रेट पर उपभोक्ताओं को गैस नहीं मिल रही, वहीं रात के अंधेरे में इसी एजेंसी से 1000 से 1500 रुपये तक में सिलेंडर बेचे जा रहे हैं। दुकानों और होटलों को ब्लैक में गैस सप्लाई कर आम जनता के हक पर डाका डाला जा रहा है।

“एजेंसी पर जाने पर घंटों लाइन में लगना पड़ता है, फिर भी खाली हाथ लौटना पड़ता है। वहीं रसूखदारों को ऊंचे दामों पर घर बैठे सिलेंडर मुहैया कराया जा रहा है।” — एक पीड़ित उपभोक्ता

💫फर्जी OTP और रजिस्टर का बड़ा खेल

जांच का विषय यह भी है कि बिना उपभोक्ता की जानकारी के डिलीवरी कैसे दिखाई जा रही है। जानकारों का कहना है कि यदि एजेंसी के रजिस्टर और मोबाइल पर आए OTP (वन टाइम पासवर्ड) का मिलान गंभीरता से किया जाए, तो फर्जीवाड़े का एक बड़ा पिटारा खुल सकता है। यह सीधे तौर पर डिजिटल सिस्टम में सेंधमारी और सरकारी सब्सिडी की चोरी का मामला है।

💫प्रशासन की चुप्पी पर सवाल?

बीते दिनों भारी मात्रा में सिलेंडर की आपूर्ति होने के बावजूद किल्लत बने रहना प्रबंधन की नीयत पर शक पैदा करता है। क्या क्षेत्रीय खाद्य एवं रसद विभाग के अधिकारी इस ओर से आंखें मूंदे हुए हैं? क्या ‘सुधा एचपी गैस एजेंसी’ के इस खुले भ्रष्टाचार पर जिलाधिकारी संज्ञान लेंगे?

रिपोर्ट: अजीत मिश्रा (खोजी) मंडल ब्यूरो चीफ, बस्ती-यूपी

Back to top button
error: Content is protected !!